06 वां पड़ाव गाँव सिंगोरई

17 May 2017 to 18 May 2017

एक बार पुनः हाजिर हैं, SBGB अभियान के 6 वें पडाव की कहानी के साथ गाँव सिंगोरई से।

दोस्तों, सिंगोरई गॉव बाडी तहसील से करीब 5-6 किमी दूर उत्तर-पश्चिम में अवस्थित बडा गाँव है। जिसमें कई समुदाय के लोग सप्रेम निवास करते हैं। इस गाँव ने ऐसी अनेक प्रतिभाओं को जन्म दिया है, जो समाज का उचित नेतृत्व करने में सक्षम हैं। इस गाँव के ही सुपुत्र अचल सिंह मीना जी(अध्या.) और उनकी टीम के युवा साथियों के सहयोग से ही SBGBT की इस 6वीं यात्रा का सुखद और सार्थक आयोजन संभव हुआ।

मीटिंग के दौरान गाँव से संबंधित जो मुख्य बातें देखने में आईं, उनका विवरण इस प्रकार है-

1 360 परिवारों वाले इस गांव की जनसंख्या लगभग 3-4 हजार है।

2 विशाल जनसंख्या होने बाद भी गांव में कर्मचारियों की संख्या महज 80 है, जो चिंतनीय विषय है।

3 गांव में अनेक जातियां जैसे मीना, गुर्जर, जाटव, नाई, कुम्हार, ब्राह्मण आदि निवास करती हैं, लेकिन शैक्षिक क्षेत्र में कुछ ही समुदायों ने उन्नति की है। बाकी वर्गों के लोग आज भी अपने परंपरागत कार्य और व्यवसाय में संलग्न हैं।
4 गाँव में खेती की सिंचाई हेतु पर्याप्त साधन हैं। रामसागर तालाब से निकलने वाली नहर के पानी से सारा गाँव लाभान्वित होता है। फिर भी परंपरागत और प्राचीन कृषि प्रणाली के चलते लोगों की आर्थिक स्थिति जस की तस है।

5 वर्तमान समय में हर वस्तु पर निरंतर असीमित महँगाई बढी है, लेकिन बडे ही आश्चर्य और दुख की बात है, कि किसान की फसल लागत मूल्य में दशक भर से कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। जिसके चलते इस वर्ग की स्थिति संकटग्रस्त और गंभीर बनी हुई है। शायद इन्हीं कारणों के चलते यहाँ का किसान आत्महत्याएं करने पर मजबूर है। सरकारें इस स्थिति में सुधार लाने हेतु योजनाएं तो लेकर आती हैं, लेकिन उन्हें किसानों तक उचित रूप से क्रियान्वित करने में असफल रहती हैं। अशिक्षा और जानकारी के अभाव में अधिकतर योजनाओं से गरीब किसान हमेशा वंचित रह जाता है।

यात्रा के पश्चात गाँव में युवाओं ने अनेक सार्थक सुधार किए। जिनका विवरण संक्षिप्त रूप में आपके प्रत्यक्ष है-

1 युवाओं ने मिलकर अतिक्रमण आदि हटाकर गाँव के मुख्य रास्तों को चौडा और सुन्दर बनाया।

2 गाँव में SBGBT के ग्रीन विलेज क्लीन विलेज अभियान के तहत स्वच्छता के साथ ही वृक्षारोपण किया गया।

3 गाँव में प्रचलित गुटखा, बीडी, तंबाकू, शराब और जुआ आदि बुराइयों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।

4 गाँव के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर मार्गदर्शन और अभिप्रेरणा हेतु शिक्षा के सुलभ, नवीन व उचित साधनों के प्रबंधन पर विचार रखा गया, जिसे साकार करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

साथियों, हरेक व्यक्ति तथा समाज के विकास और उत्थान का मूल आधार शिक्षा है। अशिक्षा एवं अज्ञानता ही हमारे विकास और उन्नति में मुख्य रूप से बाधक हैं। अत: हमारी प्राथमिकता लोगों को शिक्षा के सुलभ, सुगम, सस्ते और बेहतर साधन उपलब्ध कराना है।

यात्रा के अगले 7 वें पडाव, गाँव कुहावनी की कहानी लेकर शीघ्र ही प्रस्तुत होंगे। तब तक के लिए आप सभी सज्जनों का हार्दिक आभार और मंगलकामनाएं।
धन्यवाद।