05 वां पड़ाव गाँव कछपुरा

16 May 2017 to 17 May 2017

आज, आपके सामने लेकर आए हैं, गाँव - कछपुरा में आयोजित SBGBT के 5 वें पडाव की कहानी। कछपुरा गाँव बाडी से पश्चिम की ओर 15 किमी दूर NH 11B पर बसे आँगई गाँव से दक्षिण की ओर करीब 2किमी की दूरी पर अवस्थित लगभग 100 परिवारों का सुन्दर गाँव है।

गाँव के ही होनहार और SBGBT के कार्यकर्ता व्याख्याता राघवेंद्र मीना के विशेष आग्रह और गाँव वासियों के अनुरोध पर कछपुरा गाँव में 5 वीं बैठक का आयोजन किया गया।

जब टीम ने गाँव के प्रतिवेदन और वस्तुस्थिति को जाना, तो निम्न बातें जानकारी में आईं। जिनका विवरण इस प्रकार है-

1 साक्षरता की दृष्टि से गाँव में पुरुष साक्षरता लगभग 65% एवं महिला साक्षरता महज 15% है। जो विचारणीय विषय है।

2 गाँव में 100 परिवारों के हिसाब से यहाँ की अनुमानित जनसंख्या 750 है l जिसमें कर्मचारियों की कुल संख्या मात्र 9 है। जिससे यह स्पष्ट होता है, कि शैक्षिक पिछड़ापन और बेहतर रोज़गार की दृष्टि से गाँव कितना उपेक्षित है।

3 मीटिंग के दौरान जितना जोश और उत्साह इस गाँव के बच्चे और महिलाओं में देखा गया वैसा नज़ारा शायद ही कहीं और दृष्टिगत हुआ हो।

4 गाँव में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। प्राथमिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों को माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए 2 किमी पैदल चलकर राउमावि आँगई में जाना पड़ता है।

5 जल संकट से ग्रसित इस गाँव का मूल व्यवसाय खनन कार्य है। जो अब ख़त्म होने की कगार पर है, अत: गरीबी और बेरोजगारी इस गाँव में तेजी से बढ रही मुख्य समस्या है।

6 प्रतिभा और हुनरमंद लोगों की इस गाँव में कोई कमी नहीं है, लेकिन असुविधा और अभावों के चलते यहाँ की ज्यादातर प्रतिभाएं खेत-खलिहानों में ही दम तोड देती हैं।

7 इस मीटिंग बाद गाँव में युवाओं ने मिलकर कई बेहतर कार्य किए, जैसे- स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, मासिक बैठकों का आयोजन, कुरीतियों पर चर्चा, सामाजिक एकता को बढ़ावा, जनजाग्रति और जनसहभागिता के प्रयास आदि।

दोस्तों, SBGBT ने अपनी यात्रा के दौरान ये महसूस किया, कि हमारी अजागरुकता, असहयोग, असहिष्णुता और अज्ञानता ही हमारे पिछड़ेपन के अहम कारण हैं। जिनमें नशाखोरी नामक बीमारी भी अपनी गहरी पैठ बनाए हुए है। जिसे ख़त्म करना बेहद मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

SBGBT अपने वैचारिक और ज़मीनी आन्दोलन के बल पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं। हालांकि अभी लोगों की नकारात्मकता हमारे पथ में शूल बनकर खड़ी है, लेकिन ये काफ़िला हर मुसीबत और संकट का सामना करने को हमेशा तत्पर है।
हम होंगे कामयाब एक दिन…….