03 पड़ाव गाँव सरमथुरा

15 May 2017 to 16 May 2017

सोच बदलो-गाँव बदलो टीम की तीसरी बैठक सरमथुरा के प्रतिष्ठित स्थल लंका ढाडा में आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के वरिष्ठ और बुजुर्ग लोगों ने बढ-चढकर हिस्सा लिया। सरमथुरा में पहली बार आयोजित प्रबुद्घजन और युवाओं का ये सम्मेलन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व रहा। जिन बुजुर्गों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से इस देश की, इस समाज की गरिमा और बुनियाद कायम है, उनके श्रेष्ठ और प्रेरक विचारों से SBGBT को भारी संभल प्राप्त हुआ। आज इन्हीं बुजुर्गों के आशीष से SBGBT इस मुकाम तक पहुंच पाई है।

बुजुर्गों ने SBGBT द्वारा संचालित इस सकारात्मक और अभूतपूर्व मुहिम को निरंतर चलाए रखने का आशीर्वाद देते हुए कहा, कि पहली बार हमारे युवा संपूर्ण दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ अपने समाज और देश के हित में इतने संगठित और सुनियोजित ढंग से प्रयास कर रहें हैं, इसकी हमें बेहद खुशी और गर्व है।

इस मीटिंग के माध्यम से डॉ. सत्यपाल जी ने ये अपील की, कि सभी को एक साथ मिलकर सद्भावना पूर्ण जनहितैषी कार्य करने होंगे, तभी हम एक स्वस्थ, सुखी और उन्नत समाज की कल्पना कर सकते हैं। साथ ही ये आह्वान किया, कि अगर हमारी युवा पीढी को बुजुर्गौं का आशीर्वाद और सहयोग इसी तरह मिलता रहा, तो हम अपने गाँव, अपने समाज और अपने देश को उन्नति और खुशहाली के मार्ग पर लाने में निश्चित रूप से सफल होंगे। अत: समाज में एकता, सहिष्णुता, समरसता, विश्वास, समर्पण और सहयोग हमेशा बना रहे।

इसी मीटिंग के दौरान SBGBT ने ये संकल्प लिया, कि हम सरमथुरा में शीध्र ही कुछ बेहतर करने का प्रयास करेंगे। आज उसी संकल्प की बदौलत सरमथुरा में गरीब, असहाय, पिछड़े और जरूरतमंद बच्चों की सहायतार्थ नि:शुल्क “उत्थान कोचिंग संस्थान” की स्थापना की गई है, जो वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से संचालित है।

मीटिंग के दौरान मीना समाज के पूर्व अध्यक्ष श्री अंगदराम मीना जी, जो बेहद सौम्य, शालीन और सज्जन व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्होंने कहा, कि अगर हमें समाज को सुदृढ़ और सक्षम बनाना है, तो हमारे युवाओं को ही आगे बढकर समाज की कमान संभालनी होगी। हमारा युवा ही समाज की शक्ति और भविष्य है, अत: ये बेहद ज़रूरी है, कि हमारा युवा जागरुक, जिम्मेदार और व्यसनों से मुक्त हो। SBGBT ऐसे क्रांतिकारी विचारों का स्वागत करती है और ऐसे बुद्धिजीवी दिव्यात्मा को नमन करती है।

इस मीटिंग के तहत समाज के अन्य प्रबुद्घजनों ने समाज में प्रचलित कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही, जिसके समाधान हेतु SBGBT पूर्ण रूप से प्रयासरत है।

दोस्तों, हमारे बुजुर्ग ही हमारा वजूद हैं, हमारी बुनियाद हैं, हमारी पहचान हैं। अगर हमने अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद और सलाह लिए बगैर कोई कार्य किया, तो निश्चित रूप से हमें हानि होगी। अत: हमारा ये दायित्व बनता है, कि हम अपने बुजुर्गों का आदर और सेवा पूर्ण निष्ठा के साथ हमेशा करते रहें। सही मायने में इस बैठक का मुख्य सार यही था।

चौथा पडाव दिनांक 16/05/2017 काँसौटी खेडा के यादगार अनुभवों को शीघ्र ही आपके समक्ष प्रेषित किया जाएगा। तब तक के लिए आप सभी सज्जनों का अनंत आभार।
धन्यवाद।