सोच बदलो गांव बदलो यात्रा-रघुवीरपुरा

21 Oct 2017 to 22 Oct 2017
दिवाली का त्यौहार प्रकाश का त्यौहार है। प्रकाश एक नई आशा, नई चेतना, नई ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक है जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है। अतः दिवाली के अवसर पर लोगों के जीवन में सकारात्मकता घोलने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश से “सोच बदलो गांव बदलो टीम ” से जुड़े सभी साथियों ने इसके चौथे चरण में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। जन चेतना यात्रा *"सोच बदलो गाँव बदलो यात्रा", "क्लीन विलेज ग्रीन विलेज" कार्यक्रम, "आओ पढें - आगे बढ़ें" कार्यक्रम* के बाद टीम एक और (चौथे) चरण की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में अब तक हुए सभी कार्यक्रमों की समीक्षा व SBGBT से जुड़े गांवों की वस्तुस्थिति का आकलन (फीडबैक) किया गया। विचार मंथन के दौरान टीम के साथीयों ने एक एक कर अपने अनुभव व विचार गंभीरता के साथ साझा किए| इस विषय पर गंभीरता से मंथन हुआ कि *किस तरह से हम गाँव में विकास की एक नयी शुरूआत कर सकते हैं, हम मिलकर कैसे सामाजिक बुराईयों को मिटा सकते हैं, कैसे सरकार द्वारा दी जा विभिन्न सुविधाओं व योजनाओं का लाभ ले सकते हैं, कैसे गाँव के बुजुर्गों के साथ मिलकर युवा शक्ति गाँव में बदलाव ला सकती है, कैसे गाँव के सभी लोगों को साथ में लेकर विकास कार्यों में तेजी लायी जा सकती है, कैसे हम अपने बच्चों का भविष्य अच्छा बना सकते हैं, कैसे बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं | इस कार्यक्रम के दौरान पहली मीटिंग का आयोजन रघुवीरपुरा गाँव में किया गया। यह गाँव डांग क्षेत्र में बसा छोटा सा गाँव है जिसकी कुल जनसंख्या 571 है, परंतु पिछले 70 वर्षों से, जब से गाँव बसा है, आने जाने के लिए रास्ता नहीं है। ग्रामीणों को लगभग 7 से 8 किलोमीटर का चक्कर लगा कर गाँव जाना होता है ; जिससे गांव के लोग समाज की मुख्य धारा और विकास से लगभग अलग थलग रहे हैं। बीमारी और प्रसव की आपातकालीन स्थिति में लोगों का जीवन दयनीय है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शहर में डॉक्टर के पास पहुचने से पहले ही मौत भी हो जाती हैं। गाँव के युवा साथियों की, जिनमें से कुछ लोग हमारी टीम के सदस्य है , माँग थी कि SBGBT टीम द्वारा लोगों को समझा कर रास्ते की समस्या का समाधान सम्भव है जो कि लोगों के आपसी विवाद से कारण नहीं हो पा रहा है। मीटिंग से पहले और मीटिंग के दौरान हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाया लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एक होने की अपील की। ईमानदार और सच्चे प्रयास सफल हुए और रास्ते के लिए सहमति बन गयी। वहाँ के सरपंच और युवाओं ने तुरंत जेसीबी मशीन मँगा कर रास्ते के कार्य का शुभारम्भ कर दिया। गाँव के लोगों के आर्थिक सहयोग और श्रमदान से लगभग 2 किलोमीटर का कच्चा रास्ता बन कर तैयार हो गया। अब इसे पक्का बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सोच बदलो गाँव बदलो टीम की यह बहुत बड़ी सफलता है, जिसमें जनभागीदारी और आपसी सहयोग से समस्या का समाधान निकाला। इसी क्रम में दूसरी मीटिंग का आयोजन खिन्नोट गाँव में किया गया मीटिंग के दौरान गाँव की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई और उन पर कार्य करने के लिए एक विस्तृत रूपरेखा बनायी गई। गाँव के युवाओं का जोश और उत्साह देखने लायक है। युवाओं ने मिलकर रास्तों को चौड़ा करने, सार्वजनिक स्थानों की सफ़ाई करने, सार्वजनिक स्थानों पर लाइट लगाने और आपसी सहयोग और सद्भाव के माध्यम से गाँव की समस्याओं का निराकरण करने के प्रयास शुरू किए हैं और हमारी टीम इस युवा टीम खिन्नोट में नया उत्साह और जोश भरने का काम किया । यहाँ की मुख्य समस्या पानी का जल्द समाधान निकालने का निर्णय किया। अंत में सभी कार्यकर्ताओं की समीक्षा मीटिंग हुई जो कि समीक्षात्मक और अवलोकन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक रही। मीटिंग में लगभग *सौ सदस्यों* ने भाग लिया। जिनमें से अधिकांशतः सदस्यों ने अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि कैसे हम सभी मिलकर समाज में और बेहतर सुधार ला सकते हैं। मीटिंग के दौरान ज्यादातर कार्यकर्ताओं का यह सकारात्मक फीडबैक था कि सोच बदलो गांव बदलो यात्रा के बाद में समाज के अंतर्गत शराब के प्रति एक नकारात्मक माहौल बना है तथा शराब पीने को एक बुराई के रूप में देखा जाने लगा है। इसके साथ साथ ज्यादातर गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए, सार्वजनिक स्थानों की सफाई करने के लिए और युवाओं को एकजुट करने के प्रयास काफी हद तक सफल रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि टीम के प्रयासों के माध्यम से धौलपुर में एक उत्साह और उमंग का माहौल है जो कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्य करने के लिए और युवाओं को आगे से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है इसके अलाव मीटिंग की कुछ महत्वपूर्ण बातें और विचार संक्षिप्त में आपके समक्ष प्रस्तुत हैं -_ *1 लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ संगठित करना तथा लोगों के हृदय से आपसी द्वेष भावना को मिटाकर सहिष्णुता और सद्भाव पैदा करने के प्रयास करना। *2 धौलपुर क्षेत्र में जल की गंभीर समस्या को देखते हुए, जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देना। *3 समाज के भविष्य(बच्चे और विद्यार्थी) के उत्थान के लिए बेहतर कोचिंग और मोबाइल कम्यूनिकेशन के माध्यम से उचित शिक्षा और प्रेरणा प्रदान करना। साथ ही उनकी क्षमता के अनुसार मार्ग प्रशस्त करना। *4 बच्चों के शैक्षिक, मानसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास पर भी ध्यान देना! खेल कूद में विशेष प्रतिभा रखने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उचित मंच प्रदान करना। *5 ग्रामीण और अनपढ़ व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के बारे में सहजता से समझाना व लाभान्वित कराना। *6 सदस्यता अभियान के जरिए SBGBT के सदस्यों की संख्या में निरंतर वृद्धि करना! साथ ही सर्व समाज के लोगों को इस अभियान से जुडने के लिए प्रेरित करना!* *7 लोगों में परस्पर सद्भाव और सहयोग की अवधारणा विकसित करना। बुजुर्गों को सर्वोपरि रखते हुए उनकी सहमति और आशीर्वाद से समाजहित में बेहतर कार्य करना। *8 SBGBT के संकल्प और अवधारणा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हुए देश हित में अप्रत्याशित अवदान करना। *9 किसी भी सामाजिक या व्यक्तिगत सुधार के लिए दूसरों को प्रेरित करने से पहले अपने आप में उस सुधार का निश्चित रूप से अनुसरण करना। *10 हर माह SBGBT के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन करना! तथा SBGBT के अभियान को निरंतर नवीन गतिविधियों के माध्यम से जारी रखना। जय हिंद SBGBT