"सोच बदलो गांव बदलो टीम के सकारात्मक और रचनात्मक प्रयास"

09 Aug 2018 to 10 Aug 2018

साथियों नमस्कार ! बरसात का सीजन है और SBGBT का #ग्रीन_विलेज_क्लीन_विलेज कार्यक्रम इस समय जोरों पर है । लोग अलग-अलग जगह पर अपने-अपने तरीके से पूरे उत्साह के साथ पौधे लगा रहे हैं । गांव-गांव में स्वच्छता कार्यक्रम भी जारी है । इसी क्रम में आज हम ऐसे दो गांवों के रचनात्मक कार्यों को आप तक पहुंचा रहे हैं, जिनके प्रयास हमारे कुछ साथियों की नजर में बहुत छोटे हो सकते हैं लेकिन इन गांवों के लोगों की सोच और पहल को हमारी टीम सलाम करती है । #कांकरेट, धौलपुर जिले में बसा एक छोटा सा गांव, जहां अन्य गांवों की तरह अतिक्रमण की समस्या आम थी । लोगों ने मिलकर इस पर विचार विमर्श किया और वर्षों से चली आ रही गांव की इस समस्या को समझा, फिर क्या था आज मिलकर JCB मशीन और स्वयं के श्रमदान से रास्तों से अतिक्रमण हटाकर अपनी बदली हुई और बड़ी सोच का परिचय देकर गांव में एक बड़े बदलाव की नींव रख दी । इसी तरह #बड़ापुरा गांव, जोकि करौली जिले में आता है । यहां के युवाओं के निरंतर प्रयास अपने गांव को बदलने के लिए अनवरत जारी हैं। इस गांव के युवाओं ने सोच बदलो गांव बदलो मुहिम को कार्य रूप देने के लिए WhatsApp पर #My_village नाम से एक ग्रुप बना रखा है । जिसमें गांव के सभी सरकारी कर्मचारियों उद्यमियों और समझदार लोगों को जोड़ रखा है । इस ग्रुप के माध्यम से गांव की समस्याओं पर विचार विमर्श किया जाता है । गांव के सभी सरकारी कर्मचारी और उद्यमी अपनी मासिक आय का 1% अपने गांव की विकास समिति "संकल्प ग्राम विकास संस्थान" में सहर्ष जमा करते हैं और अपने इस योगदान से गांव में विकास कार्यों को अंजाम देते हैं । हाल ही में इस गांव के युवाओं ने गांव के सभी कच्चे रास्तों में अपने खर्चे से मरम (कच्चा पत्थर), बजरी और मिट्टी आदि डलवाकर अपने गांव के रास्तों को चलने योग्य सुगम बनाया है, इनके प्रयासों से इन रास्तों में बरसात के दिनों में ग्राम वासियों को कीचड़ से निजात मिली है । इससे पहले भी इस गांव के युवाओं ने गांव के सरकारी स्कूल की खस्ताहाल बाउंड्री का जीर्णोद्धार, स्कूल कैंपस का समतलीकरण, सरकारी भवनों की रंगाई-पुताई, पाइप लाइन बिछाकर गांव के वंचित हिस्सों में पेयजल व्यवस्था और गांव के सभी कोनों में पानी की टंकियां बनवाई हैं । धौलपुर और करौली जिले के अतिरिक्त, अलवर जिले के अंगारी व समरा गांव व नैहडा क्षेत्र के कई गांव भी बदलाव की इस मुहिम में पीछे नहीं हैं गांव में लाइब्रेरी, स्ट्रीट लाइट, पानी की टंकी व शौचालय निर्माण इस तरह कई गांवों में ग्राम वासियों और युवाओं के छोटे छोटे प्रयास जारी हैं । हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि यह छोटे-छोटे प्रयास ही एक दिन बड़ा बदलाव लेकर आएंगे । यह छोटे छोटे प्रयास, सकारात्मक व रचनात्मक पहल, एक गांव से दूसरे गांव, एक कस्बे से दूसरे कस्बे व शहर के लोगों को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं ।

आओ हम सब मिलकर, #ग्रीन_विलेज_क्लीन_विलेज कार्यक्रम से जुड़कर भारत निर्माण की इस मुहिम में भागीदार बनें । एक पौधा पूरे भाव के साथ लगाएं और उसकी देखभाल करें । अपने गांव, कस्बे, शहर व कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें ।